नोटिस चिपकाते रेलकर्मी तथा जानकारी देते आर पी एफ इंस्पेक्टर व अन्य पदाधिकारी
नोटिस चिपकाते रेलकर्मी तथा जानकारी देते आर पी एफ इंस्पेक्टर व अन्य पदाधिकारी
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राजमहल : पूर्व रेलवे के बड़हरवा प्रभाग अंतर्गत वरीय अनुभाग अभियंता कार्यालय द्वारा सोमवार को राजमहल स्थित ऐतिहासिक ‘लाल कोठी’ और उसके आसपास के क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की गई। रेलवे प्रशासन की एक संयुक्त टीम ने क्षेत्र का औचक निरीक्षण करते हुए रेलवे भूमि पर अवैध रूप से काबिज सात लोगों को चिह्नित किया और उन्हें मौके पर ही ‘सार्वजनिक नोटिस’ तामील कराया।

नोटिस के माध्यम से सभी संबंधित अतिक्रमणकारियों को सख्त चेतावनी दी गई है कि वे पत्र जारी होने की तिथि से 7 दिनों के भीतर अपने अवैध निर्माण, कब्जे और सामग्रियों को स्वेच्छा से हटाकर रेलवे भूमि को पूर्णतः खाली कर दें।

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अधिकारियों की मौजूदगी में चिपकाया गया नोटिस

इस प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान रेलवे और सुरक्षा बल के कई वरिष्ठ अधिकारी मुस्तैद दिखे। संयुक्त टीम में आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार, नवीन कुमार यादव, अजय कुमार, सतीश कुमार, अनिल कुमार साह के साथ-साथ आई.डब्ल्यू. (I.W.) प्रमोद कुमार पासवान और स्टेशन मास्टर दिलीप कुमार साह शामिल थे।

अधिकारियों की मौजूदगी में कुल सात अतिक्रमणकर्ताओं—संजय कर्मकार, हैदराबाद की मम्पी, काणू, तारक, कल्याण सरकार, संध्या भौमिक तथा कोलकाता निवासी हाबूदा के परिसरों पर नोटिस चिपकाया गया और उन्हें अथवा उनके स्वजनों को कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।

कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत होगी कार्रवाई

रेलवे प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, यदि निर्धारित 7 दिनों के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है, तो:

  • रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 147 तथा
  • पब्लिक प्रेमिसेस (इविक्शन ऑफ अनऑथराइज्ड ऑक्यूपेंट्स) एक्ट, 1971 (PPE Act, 1971)

के कड़े प्रावधानों के तहत आवश्यक बेदखली व कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समयावधि समाप्त होने के बाद बिना किसी पूर्व सूचना के अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू कर दिया जाएगा। इस प्रक्रिया के दौरान होने वाले किसी भी नुकसान या क्षति के लिए रेलवे प्रशासन उत्तरदायी नहीं होगा।

पहले खाली होगी ‘लाल कोठी’, भू-माफियाओं में हड़कंप

विभागीय सूत्रों के अनुसार, ऐतिहासिक लाल कोठी परिसर में अवैध निर्माण और अतिक्रमण की शिकायत मिलने के बाद रेलवे प्रशासन पूरी तरह से रेस हो गया है। सोमवार को निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्राथमिकता के आधार पर सबसे पहले ‘लाल कोठी’ को खाली कराया जाएगा, जिसके बाद आसपास की अन्य रेलवे जमीनों से अतिक्रमण हटाने की पहल की जाएगी।

रेलवे की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है।

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